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वे लूट कर नहीं थकते थे और हम काम करते नहीं थकते हैं, महोबा में पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर कसा तंज

महोबा : उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार को महोबा पुहंचे और 3,240 करोड़ रुपये की लागत से बनी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में अर्जुन सहायक परियोजना, रतौली वियर परियोजना, भवानी बांध परियोजना और मझगांव-मिर्च छिड़काव परियोजना शामिल हैं। इससे महोबा, हमीरपुर, बांदा और ललितपुर में लगभग 65,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई में मदद मिलेगी, जिससे क्षेत्र के लाखों किसान लाभान्वित होंगे।

परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम ने यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए बुंदलखंड की बदहाली के दोषी ठहराया।पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार का नाम लिए बिना कहा कि बुंदेलखंड की सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में पिछली सरकार ने कोई रूचि नहीं दिखाई।

उन्होंने कहा कि परिवारवादियों की सरकारों ने गरीब परिवारों और बेटियों को पानी जैसी मूलभत जरूरतों से वंचित रखा जबकि कर्मयोगियों की सरकार ने नल से घर तक पानी पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वे लूटकर नहीं थकते थे और हम काम करते नहीं थकते हैं। पीएम ने कहा कि जब माफियाओं पर बुलडोजर चल रहा है तो कुछ लोग हाय-तौबा मचा रहे हैं।

लेकिन ये लोग कितना भी हाय-तौबा मचा लें, यूपी और बुंदेलखंड के काम रुकने वाले नहीं है। इन लोगों ने बुंदेलखंड के साथ जैसा बर्ताव किया उसे लोग कभी भूल नहीं सकते।पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 7 सालों में हम कैसे सरकार को दिल्ली के बंद कमरों से निकालकर देश के कोने-कोने में ले आए हैं, महोबा उसका साक्षात गवाह है।

ये धरती ऐसी योजनाओं, ऐसे फैसलों की साक्षी रही है, जिन्होंने देश की गरीब माताओं-बहनों-बेटियों के जीवन में बड़े और सार्थक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले ही मैंने देश की करोड़ों मुस्लिम बहनों से वादा किया था कि मैं तीन तलाक से उन्हें मुक्ति दिला कर ही रहूंगा। वह वादा भी मैंने बुंदेलखंड की धरती से किया था। वह वादा पूरा भी हो गया।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि तीन हजार करोड़ से अधिक की लागत से बनी इस सिंचाई परियोजना से बुंदेलखंड के लाखों परिवारों को लाभ होगा। चार लाख से अधिक लोगों को पीने का शुद्ध पानी भी मिलेगा। पीढ़ियों से जिस पानी का इंतजार था, वह इंतजार आज खत्म होने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के कच्छ की हालत भी बुंदेलखंड जैसी ही थी। लोग वहां से पलायन कर रहे थे। लेकिन मुझे सेवा का अवसर मिला तो आज कच्छ देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले जिलों में एक है। मुझे भरोसा है कि बुंदेलखंड भी वैसा विकास अपना सकता है।

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