Flash Newsउत्तर प्रदेशमिर्जापुर

जार्डन और बांग्‍लादेश होते हुए मऊ पहुंची मुस्लिम प्रेमिका बनी हिंदू, जानिए फरजाना से सोना राजभर बनने की दास्‍तान

मऊ,। जार्डन में नौकरी के दौरान बांग्लादेशी महिला को जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र के युसुफपुरा ड़ाडी थाना कोपागंज निवासी वर्षीय गुलशन राजभर से फेसबुक पर दोस्ती हुई। दोनों के बीच इंटरनेट मीडिया पर ही प्यार परवान चढ़ा। महिला नाव के सहारे देश की शरहद को पार कर पश्चिम बंगाल पहुंची और अपने प्रेमी के साथ कोपागंज आ गई। यहां नगर कोतवाली पुलिस ने रविवार की शाम दोनों को फर्जी दस्तावेज के साथ गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल मामला सामने भी न आता अगर मोहब्‍बत की दीवारों में दरार नहीं आती। पुलिस के अनुसार दोनों के संबंधों में दरार आने के बाद महिला ने दूर जाने की ठान ली तो परिजनों ने पुलिस से इस बाबत मदद मांगी। जब महिला सामने आई तो तीन देशों के बीच पनपा इश्‍क और ब्रेकप की कहानी उजागर होने के बीच पुलिस ने पूछताछ की तो जो कहानी सामने आई उसमें इश्‍क को मुकम्‍मल करने के लिए फर्जी दस्‍तावेजों का सहारा लेने की जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए।

बड़ी आसानी से बांग्‍लादेश से नाव से भारत आने और फर्जी दस्‍तावेज हासिल करने की दास्‍तान सामने आई तो पुलिस ने इस मामले में आगे बढ़कर कदम उठाया और मुकदमा भी कायम किया।

पकड़े गए दंपती में युवक की पहचान युसुफपुरा ड़ाडी थाना कोपागंज निवासी 25 वर्षीय गुलशन राजभर तथा महिला की पहचान असनारा थाना मधुपुर जिला तन्गेल बांग्लादेश निवासी 26 वर्षीय फरजाना खातून उर्फ सोना राजभर पुत्री फरमान अली खान के रूप में हुई।

पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि जार्डन में नौकरी के दौरान फेसबुक के माध्यम से उसकी दोस्ती गुलशन से हो गई। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। वे एक-दूसरे से बात करके अक्टूबर 2020 में बांग्लादेश से नाव से भारत के पश्चिम बंगाल आ गई। वहां से बस से कोलकाता पहुंची। वहां पर गुलशन उसका इंतजार कर रहा था। दोनों गुलशन के गांव आ गए।

दोनों मिलकर यहां का फर्जी आधार कार्ड सोेना राजभर पत्नी गुलशन राजभर के नाम से बनवाए। फिर इन्होंने विवाह संबंधी नोटरी शपथ पत्र बनवाए तथा एसबीआइ बैंक में खाता भी खोलवाया। इस संबंध में पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध 419,420,467,468,471 भादवि व 12 पासपोर्ट एक्ट में अभियोग पंजीकृत कर चालान किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button