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लाॅकडाउन और नाइट कर्फ्यू के डर से 2500 शादियों के जश्न में खलल, मुश्किल में वेडिंग इंडस्ट्री

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गोरखपुर (HM News) l  कोरोना संक्रमण के खतरों के बीच सरकार की नई गाइड लाइन ने अप्रैल व मई में गोरखपुर में होने वाली 2500 से अधिक शादियों के जश्न में खलल डाल दी है। मैरेज हाल में 100 और खुले स्थान में 200 व्यक्तियों की ही उपस्थिति के निर्देश ने मैरेज हाल से लेकर कैटरिंग का काम करने वालों को मुश्किल में डाल दिया है। नई गाइड लाइन से 300 करोड़ से अधिक की वेडिंग इंडस्ट्री संकट में फंसती दिख रही है।
इस बार जनवरी से लेकर मार्च के बीच चुनिंदा लगन थी। लोगों ने अप्रैल और मई में शादियों को शिफ्ट कर दिया। अप्रैल और मई में 20 से अधिक तारीखों में 2500 शादियां होनी हैं। अन्य तिथियों में भी वैवाहिक समारोह आयोजित हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच सरकार की नई गाइड लाइन ने वैवाहिक समारोह वाले घरों की मुश्किलें बढ़ा दी है। सर्वाधिक मुश्किल में मैरेज हाल और रिसोर्ट वाले हैं। मेडिकल रोड के एक वीआईपी रिसोर्ट में पहले से काफी बुकिंग हुई है।
अब मेहमानों की संख्या और खर्च को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मैरेज हाल वालों ने काफी कम रकम में एडवांस बुकिंग कर ली थीं। अब मैरेज पार्टियां न तो एडवांस दे रही हैं न ही मेहमानों की संख्या को लेकर स्थितियां साफ कर रही हैं। मऊ के रहने वाले कमलेश श्रीवास्तव की बेटी की शादी मई में है। उन्होंने मैरेज हाल बुक कराया है। कमलेश बताते हैं कि दोनों पक्षों से मिलाकर 500 लोगों का इंतजाम किया गया था। किसे मना करें, कैसे करें? यह ठीक भी नहीं है कि स्थितियां खराब रहेंगी या ठीक हो जाएंगी। तमाम लोग ऐसे भी हैं जो मैरेज हाल की बुकिंग छोड़कर होटल में शादियों को शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गए हैं।

करोड़ों की पूंजी लगाकर फंसे :

गोरखपुर में तकरीबन 150 मैरेज हाल हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर स्थितियां ठीक हुईं तो सभी ने मैरेज हाल पर अच्छा खासा खर्च कर दिया। मैरेज हाल संचालक चन्द्रभान प्रजापति बताते हैं कि मैरेज हाल का कपड़ा बदलने और नई क्राकरी पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए हैं। अब सभी वैवाहिक कार्यक्रमों पर संकट आ खड़ा हुआ है। इसी तरह शहर में प्रमुख 50 से अधिक कैटरिंग वालों ने क्राकरी पर लाखों खर्च कर दिया है। कैटर्स रामबृक्ष गुप्ता बताते हैं कि 10 लाख की क्राकरी मंगा ली है। अब ऐसे ही हालात रहेंगे तो रकम भी नहीं निकलेगी।

फ्लावर और बैंड वालों की बुकिंग पर असर

फ्लावर डेकोरेशन और बैंड वालों की बुकिंग पर असर दिखने लगा है। भव्यता से होने वाली शादियों में फूल के डेकोरेशन की बुकिंग 2 से 3 लाख रुपये में होती है। इसके लिए कारोबारियों ने महंगा स्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया है। डेकोरेशन का काम करने वाले प्रमोद श्रीवास्तव का कहना है कि लोग अब बुकिंग की राशि को घटाने की सिफारिश कर रहे हैं। लाइटिंग का काम करने वाले लोहा गुप्ता का कहना है कि लाइटिंग के काम पर पहले से ही ग्रहण लगा हुआ है। अब बंदिशों में शहनाई से रही सही उम्मीद भी खत्म हो गई है।

पोल्ट्री उद्योग वाले भी सहमे

वैवाहिक सीजन पर पोल्ट्री उद्योग की भी काफी हद तक निर्भरता है। नई गाइड लाइन से इस उद्योग पर प्रभाव पड़ना तय है। पोल्ट्री फार्म संचालक जित्तन जायसवाल का कहना है कि जहां 500 से 1000 लोगों का खाना बनना प्रस्तावित हो वहां 100 से 200 में संख्या सिमटेगी तो स्थितियां बिगड़ेगी ही। बुकिंग आर्डर को लेकर फोन आने लगे हैं। होटलों की बुकिंग भी प्रभावित होने लगी है। मुर्गा कारोबारी अनूप कुमार का कहना है कि लगन की उम्मीद में भरपूर चूजा डलवाया था लेकिन अब उम्मीदें धूमिल हो रही हैं।
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