एनेस्थीसिया चिकित्सक की तैनाती न होने मरीजों के ऑपरेशन में बाधा

अंबेडकरनगर। जलालपुर नगपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एनेस्थीसिया डाक्टर (बेहोशी के डाक्टर) की तैनाती नहीं होने से बीमारों का ऑपरेशन नहीं हो रहा है। यहां तैनात जनरल सर्जन छोटे मोटे ऑपरेशन कर रहे है। बड़े ऑपरेशन के मरीजों को मजबूरन रिफर कर दिया जा रहा है। विदित हो कि जलालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों के ऑपरेशन के लिए कुछ माह पहले जनरल सर्जन की तैनाती की गई थी। जनरल सर्जन तैनाती के बाद से प्रतिदिन ओपीडी में दर्जनों मरीजों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ देने के प्रयास में जुटे है। हाइड्रोसिल समेत अन्य छोटे ऑपरेशन जिसमें बेहोश करने की जरूरत नहीं होती किए जा रहे हैं किंतु बड़े ऑपरेशन एनेस्थीसिया डाक्टर की तैनाती नहीं होने से ऑपरेशन से संबंधित मरीजों को रेफर करना मजबूरी बन गया है। यहां प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 50-60 मरीजों की जांच की जाती है। जनरल सर्जन छोटे ऑपरेशन भी कर रहे है।अब सवाल यह है कि जब जनरल सर्जन की तैनाती की गई तो एनेस्थीसिया डाक्टर की तैनाती क्यों नहीं की गई। सर्जन डॉ मोहम्मद दानिश ने बताया कि मेरे डिग्री और अनुभव का लाभ मरीजों को बगैर एनेस्थीसिया डाक्टर के संभव नहीं है। एनेस्थीसिया डाक्टर के नहीं होने से बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर एनेस्थीसिया डाक्टर की मांग की गई है।