Ayodhya

ईद मिलन समारोह में कुमैल अहमद सिद्दीकी की रचना आवाम में हो रही सराहना

 

टाण्डा,अम्बेडकरनगर। कहीं पे कीर्तन ,कहीं पे अजान होती है उसी की शान मुसलसल बयान होती है उक्त पंक्तियां अधिवक्ता संघ टाण्डा में ईद मिलन समारोह के अवसर पर आयोजित मुशायरा में कुमैल अहमद सिद्दीकी ने अपनी रचना में पढ़ा जिसे लोगों ने खूब सराहा।शुक्रवार को अधिवक्ता संघ टाण्डा में ईद मिलन समारोह के अवसर पर एक मुशायरे का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता संघ अध्यक्ष मुकीम अहमद शेख व संचालन कमर जीलानी ने किया। मुशायरे में मुख्य रूप से डॉक्टर दस्तगीर ,इंसाफ टांडवी, कुमैल सिद्दीकी, हकीम इरफान, शाहिद शादानी, तालिब रहमानी, कमर जीलानी, अहमद सईद, अजय प्रताप श्रीवास्तव, अब्दुल माबूद ,जमुना प्रसाद ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत किया।इसी क्रम में इंसाफ टांडवी ने अपने कलाम में पढ़ा कि ष्माँ को तुम प्यार से पुकारो तो, लाख रूठी हो मान जाती है तालिब रहमानी ने पढ़ा कि मैं कुछ कहूंगा तो वोह मुझको मार डालेगी, कि मेरी बीबी छूरी और ड्राम रखती है सईद टांडवी ने पढ़ा कि मैं तुझसे ईद मुबारक कहूँ तो कैसे कहूँ , मेरी जबान में रंजो अलम के छाले हैं कमर जीलानी ने पढ़ा कि कह रहे हैं यही बूढ़े बच्चे जवां, मेरे मौला बचा मेरा हिन्दोस्तां इसी क्रम में शाहिद शादानी ने पढ़ा कि मैं राँझा बन गया तेरा,तू मेरी हीर बन जाये,खुदा से ये दुआ है तू मेरी तकदीर बन जाये,जरा आवारगी देखो मेरी बेबाक चाहत की,मैं कागज पर कलम रखूं तेरी तस्वीर बन जायेष्इनके अलावह अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश मौर्य, शासकीय अधिवक्ता जावेद सिद्दीकी, पूर्व अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह,मोहम्मद अकबर, अभिमन्यु यादव आदि ने मुशायरे में अपना वक्तव्य पेश किया। इस दौरान अधिवक्ता गण, टाइपिस्ट, मुंशी,वादकारी गण भारी संख्या में मौजूद रहे।

पूरी खबर देखें

संबंधित खबरें

error: Content is protected !!