डीजीपी साहब! जमीन का मामला अदालत में विचाराधीन फिर भी निर्माण करवा रही अकबरपुर पुलिस
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अंबेडकरनगर। डीजीपी और उच्च अधिकारियों के आदेश को धत्ता बताते हुए अकबरपुर कोतवाली पुलिस विपक्षियों के रसूख के बल पर अदालत में लंबित मुकदमें के बाद खड़ी होकर जहां ईंट गिरवा रही है। वहीं अवैध निर्माण के खेल में शामिल हो गई है। प्रकरण अकबरपुर कोतवाली के गांव घटकना (सोनगांव) का है। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने वादी के पुत्र को कोतवाली बुलाया और एक तरफा शांति भंग में चालान कर दिया और कहा कि विपक्षी के निर्माण में बाधक बने तो पूरी जिंदगी जेल में बीतेगी। यह कारनामा अकबरपुर कोतवाली पुलिस कर रही है। जबकि डीजीपी का सख्त आदेश है कि पुलिस जमीनी विवाद में कही नजर नहीं आएगी। गांव निवासी रामदीन पुत्र रामफेर ने सिविल न्यायालय में दाखिल वाद में बताया कि उसके घर के सहन पर पूर्वजों द्वारा कब्जा दखल की जमीन है जिस पर उसका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी उपयोग करता चला आ रहा है। इस आबादी की भूभाग पर सब्जी आदि उगा परिवार का पोषण कर रहा है। इसी जमीन पर विपक्षी सहदेव पुत्र दुर्बली की नजर है वह पुलिस की मदद से अवैध कब्जा की फिराक में है। विपक्षी की मदद अकबरपुर कोतवाली के कोतवाल और पुलिसकर्मी कर रहे है। अवैध कब्जा से बचने के वादी ने सिविल न्यायालय में वाद भी दायर किया है। अब सवाल यह है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी और पुलिस प्रमुख का शख्त आदेश है कि पुलिस जमीनी विवाद में हाथ नहीं डालेंगे तो अकबरपुर कोतवाली पुलिस खड़ी होकर ईंट कैसे गिरवा रही है? क्या अकबरपुर कोतवाली पुलिस खुद ऐसा कर रही है अथवा उच्च अधिकारियों का सह इन्हें प्राप्त है।