गोरखपुर: शौचालय की सुंदरता के चलते प्रशासन ने गिराई गरीब की झोपड़ी

गोरखपुर। एक तरफ जहां आज पूरा भारत देश कोरोना से जंग जीतने की लड़ाई लड़ रहा है वहीं गोरखपुर के नौका विहार निकट रामगढ़ताल चौकी इंचार्ज ने उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए एक गरीब,बेघर वृद्ध महिला का आशियाना उजाड़ दिया।
पूर्ण लॉकडाउन से लेकर अनलॉक 1.0 के दौरान यह दूसरी बार है कि इस गरीब वृद्ध महिला की झोपड़ी को गिरा दिया गया एवं रामगढ़ चौकी इंचार्ज द्वारा वृद्ध महिला को धमकी भी दी गयी कि यदि फिर से यहां कोई झोपड़ी बनाई तो उठवाकर इसी ताल में फिकवा दूंगा तथा उस वृद्ध महिला की झोपड़ी में रखा सारा सामान भी उठा ले गए।
इसी प्रकरण के चलते पूर्व में रामगढ़ताल चौकी इंचार्ज का तबादला भी कर दिया गया था परंतु अब वर्तमान चौकी इंचार्ज भी उस वृद्ध महिला की झोपड़ी के पीछे हाथ धो कर पड़ गए हैं। वृद्ध महिला जिसके पास उस झोपड़ी के अलावा कोई भी आशियाना नही है जो अब अपने परिवार समेत आत्महत्या करने को विवश है।

यह भी दुःखद है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस महिला की अब तक कोई सुध नही ली तथा प्रशासन ने भी इस वृद्ध महिला के साथ असंवेदनहीनता का परिचय देने में कोई कोर कसर नही छोड़ी जबकि इस महिला की शिकायत है कि
झोपड़ी के बगल की 3 से 4 एकड़ जमीन जो गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित कर ली गयी तथा उस अधिग्रहित जमीन का मुआवजा उस वृद्ध महिला को आज तक नही मिला। जिसका मुकदमा आज भी न्यायालय में चल रहा है।
आपको बताते चलें कि यह झोपड़ी जिसमे कभी भुट्टा तथा चाय बेचकर यह वृद्ध महिला 12 पारिवारिक सदस्यों का भरण-पोषण विगत 40 वर्षों से एक दूसरे के साथ मिलकर कर रही थी।
उक्त घटना के संबंध में जब रामगढ़ताल चौकी इंचार्ज से वार्ता की गई तो उन्होंने जिलाधिकारी और कप्तान के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि इस वृद्ध महिला की झोपड़ी के चलते नवनिर्मित शौचालय की सुंदरता भंग हो रही थी।
इस संबंध में जब गोरखपुर एसपी सिटी से दूरभाष पर वार्ता की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने का हवाला देते हुए जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया। खबर लिखे जाने तक उस वृद्ध महिला को कोई भी मदद नही मिल पाई है।

अशोक शर्मा की रिपोर्ट

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