कैसे सरकार के हर मंसूबे पर आसानी से पानी फेर देते हैं ग्राम प्रधान…पढें विस्तार से ये Report… चाहे जितना भी कर ले सरकार मगर ग्राम प्रधान गरीबों का हक छीनेंगे

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  • सरकार चाहे जितना भी कर ले मगर ग्राम प्रधान गरीबों का हक छीनेंगे
  • गरीब भी दो सौ रुपए के चक्कर में ग्राम प्रधानों को अपने हक का रुपया देंगे
  • सरकार कहां तक देखेगी गरीब मजदूर को लुटते
कादीपुर सुल्तानपुरl कादीपुर तहसील अन्तर्ग सभी गांवों में ग्राम प्रधानों के तरफ से लगभग हर आदमी का मनरेगा जाब कार्ड बना कर सभी के खातों में मनरेगा का पैसा मगा लेते हैं और फिर उन महिलाओं और पुरुषों के खाते से यह कह कर पैसा निकाल लेते हैं कि हमने बाहर के आदमी बुला कर काम करवाया थाl
उसका पैसा देना है यह सुनकर गांव के गरीब मजदूर पैसा निकलवा कर ग्राम प्रधान को दे देते हैं और प्रधान सौ दो सौ रुपया उस गरीब मजदूर को देकर बाकी पैसा अपनी जेब में रख कर गायब हो जाते हैं।
यह हर महीने होता रहता है अगर किसी ग्राम प्रधान से पूछो कि ऐसा क्यों करते हो तो यही जवाब मिलता है कि क्या करें अगर ऐसा ना करें तो सिकरेटरी जेई साहब को कहा से दे जिससे हम लोगों के द्वारा कराये गये कार्यो का भुगतान आसानी से हो सके इस लिए भी हम लोगों को ऐसा करना पड़ता है।
कई प्रधान तो गरीब मजदूर को धमकी भी देकर पैसा निकलवा लेते हैं जो अपना पैसा प्रधान को नहीं देना चाहते हैं प्रधान लोग तो यह भी कहते हैं कि अगर नहीं निकलवाओ गे तो खाता भी बन्द करवा देंगे जिससे तुम लोग सरकार के द्वारा दिये गये लाभ से भी वंचित रह जाओगे इस लिए गांव के गरीब मजदूर चुप रहना ही मुनासिब समझते हैं।
ऐसा लगभग-लगभग हर ग्राम सभा में हो रहा है यही नहीं अगर किसी मजदूर ने इसकी शिकायत भी किसी अधिकारी से कर दी तो अधिकारी भी प्रधानों की ही सुनता है क्यो कि गरीब मजदूर बहुत करेगा तो इसकी शिकायत ब्लाक में करेगा और ब्लाक के अधिकारी उस शिकायत की जांच उन्ही सिकरेटरी और जेई से जांच करवाते हैं जो ग्राम प्रधान से हर माह रिपोर्ट लगाने के नाम पर एक मोटी रकम लेते रहते हैं। इस तरह से सरकार के हर मंसूबे पर आसानी से पानी फेर देते हैं ग्राम प्रधानl

Report: नीरज मिश्रा दोस्तपुर सुलतानपुर 

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