प्रधानमंत्री शहरी आवास में अनियमितता व भ्रष्टाचार की जांच टीम की निष्पक्षता को प्रभावित करने के लिए चल रहे प्रयास को लेकर स्वर मुखर जब भाजपा के ही नेता देंगे संरक्षण तो कैसे कामयाब होगी सरकार की मंशा

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  अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायत को शासन द्वारा गंभीरता से लिये जाने के पश्चात् चार सदस्यीय टीम गठित हो गयी है किन्तु प्रभावित करने के लिए प्रयास जारी है जिसे लेकर आमजन के स्वर मुखर हो गये है कि आखिर! जब भाजपा के ही कुछ ठेकेदार भ्रष्टाचारियों का साथ देंगे तो कैसे सरकार की मंशा कामयाब होगी।
ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरूआत से ही नगरीय विकास अभिकरण डूडा विभाग के अधिकारी व उनके मातहत से लेकर आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के द्वारा पात्रों के चयन के बजाय अपात्रों को तरजीह दी जाने लगी।
इसका मुख्य कारण निजी स्वार्थ अर्थात अवैध कमाई रहा। इसके विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं से लेकर भाजपा के दो नेताओं ने मुहिम छेड़ दी जिनके द्वारा बार-बार शिकायत को शासन ने संज्ञान लिया और इधर तीन एसडीएम व डीआरडीए अभियन्ता को जांच के लिए डीएम ने टीम गठित कर दी किन्तु जांच की निष्पक्षता को प्रभावित करने के लिए प्रभाव व प्रलोभन के सहारे भाजपा के कुछ नेताओं जिनके द्वारा भ्रष्टाचारियों को आउट सोर्सिंग में तैनाती कराने की भूमिका निभायी गयी है, के द्वारा अब उन्हे बचाने की जुगाड़ लगायी जा रही हैं।
इसे लेकर अकबरपुर नगर क्षेत्र में चर्चा जोरों पर है, तमाम लोग यह कहते फिर रहे हैं कि देश के पीएम और सीएम भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रहे है लेकिन जब उनके पार्टी के ही लोग संरक्षण देंगे तो कैसे मंशा साकार होगी।
(जांच टीम की निष्पक्षता को प्रभावित करने में किन-किन के चल रहे प्रयास और भ्रष्ट कर्मचारियों जिनके द्वारा अपात्रों से मोटी रकम लेकर पहुॅचाया गया है लाभ की विस्तृत खबर अगले दिन)   

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