वाह रे बसखारी के थानेदार! हिस्सा पाकर मस्ती में धड़ल्ले से करा रहे अवैध खनन, सब लक्ष्मीनिया का कमाल

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बसखारी अंबेडकर नगरl शासन के मंसूबों पर यह थानेदार फेर रहा पानी जनपद का बसखारी थाना अक्सर सुर्खियों में रहने के लिए बेताब रहता है‌। अपने घटिया कारनामों से आए दिन खबरों की हेडिंग बनकर जनपद की पुलिस की किरकिरी करने का ताज बनता रहता है। जिस तरह से बसखारी थाना क्षेत्र में अपराध ,भ्रष्टाचार ,अवैध कारोबार पनप रहा है । इससे तो नगर का पूरा वातावरण ही दूषित होता चला जा रहा है।
थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध तरीके से दिन और रात बेखौफ होकर खनन माफिया मिट्टी अवैध खनन का कारोबार चला रहे हैं । मिट्टी अवैध खनन का कारोबार जिस तरह से फल-फूल रहा है मानो कि सरकार ने उन्हें अवैध रूप से कार्य करने का लाइसेंस दे दिया हो। क्योंकि खनन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता जिस तरह से सामने दिख रही है । उससे तो जनमानस में चर्चा का विषय होना लाज़मी है।
सूत्रों की मानें तो बसखारी थाना क्षेत्र में लंबे अरसे से मिट्टी अवैध खनन का कारोबार जोरों से चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कहीं ना कहीं खनन माफियाओं को अवैध मिट्टी खनन करने का मानो कि खुली छूट मिल गई हो। क्योंकि बने हुए मानक के आड़ में मिट्टी का अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है और यही नहीं बसखारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीते समय में अवैध मिट्टी खनन के कारण कई हादसे हो चुके हैं। जिसमें कई लोगों को अपनी जानें गंवानी पड़ी है लेकिन सब कुछ ढाक के तीन पात ही रह जाता है कार्रवाई कागजों में सिमट जाती है । मामला लक्ष्मीनिया के दम पर रफा-दफा हो जाता है।
सत्ता किसी की हो लेकिन बोलबाला तो इनका ही रहता है ृक्योंकि इन पर लगाम लगाने के लिए ना ही खनन विभाग अपनी जरा सा सक्रियता दिखाती है और ना ही पुलिस प्रशासन जिससे बेखौफ होकर अपने अवैध कार्यों को अंजाम देने में लगे रहते हैं। नगर के रास्तों को मिट्टियों से पाटने का काम करते हैं ।यह खनन माफिया इतना ही नहीं नगरवासियों का रात में सोना भी हराम हो जाता है तो दिन में चलना भी खराब हो जाता है।
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अब इन पर नकेल कसे तो कॉल करें जब स्थानीय प्रशासन के नाक के नीचे दिन और रात इस तरह से अवैध रूप से मिट्टी खनन का कार्य जोरों से चल रहा है थाने के सामने से ही तालियों से भरी मिट्टी ले जाया जाता है फिर भी पुलिस के कानों में जूं तक नहीं रहता तो आम जनमानस में प्रश्न चिन्ह बनकर उठना चर्चा का विषय बनना तो लाजमी है।
ऐसे तो गरीबों को परेशान करने के लिए तमाम नियम कानून बता दिए जाते हैं उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल दिया जाता है लेकिन पुलिस से सांठगांठ करके अवैध धंधों को अंजाम देने वालों के लिए तो पुलिस संरक्षक के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाती है क्योंकि यह अवैध खनन माफिया अवैध धंधा करने वाले पुलिस के लिए दुधारू गाय के समान होते हैं।

रिपोर्ट : हिन्दमोर्चा टीम अम्बेडकरनगर

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