कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े बिल व खेती की लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने से जुड़े बिल को मंजूरी

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नई दिल्ली (Agency). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Union Cabinet Decision) में कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े बिल (Pesticide Management Bill 2020) को मंजूरी मिल गई है. इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. अब कंपनियां किसानों को कीटनाशक मनमानी कीमत पर नहीं बेच पाएंगी.
मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है. प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा. सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है. इसके पीछे सरकार का मकसद कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती करना और आसानी से किसानों को उपलब्ध कराना है.
आपको बता दें कि कैबिनेट ने Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी दे दी हैं. इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे. ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी. कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा.

किसानों को क्या होगा फायदा-

कैबिनेट की बैठक के बाद अब Pesticide Management Bill 2020 को संसद से पास कराया जाएगा. केंद्र सरकार एक अथॉरिटी का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा. मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.
इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं. आपको बता दें कि नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा. इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं.
एक केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड बनाया जाएगा. यह किसानों के हितों का ध्यान रखेगा. इसमें किसानों को भी शामिल किया जाएगा. बाजार में नया कीटनाशक उतारने से पहले इस बोर्ड की अनुमति लेनी पड़ सकती है. कई बार खराब बेसअर कीटनाशक के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. नया कानून अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप होगा.

कंपनियों पर 50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान

अगर कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करेंगी तो उन्हें 25 हजार से लेकर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा. मौजूदा नियमों के तहत फिलहाल 500-75,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है. इस तरह सरकार जुर्माने की रकम करीब 70 गुना ज्यादा करने की तैयारी में है. नए बिल में पांच साल तक की कैद का भी प्रस्ताव है. मौजूदा कानून में अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा संभव है.

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