कानपुर से PFI के 5 सदस्यों को हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार

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कानपुर (HM News)। पुलिस ने केरल के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 5 सदस्यों को कानपुर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर इनको गिरफ्तार किया गया है। कानपुर पुलिस की जांच में पता चला है कि 15 दिसंबर से लेकर अब तक शहर में सीएए के विरोध को लेकर जो हिंसा और धरना-प्रदर्शन हुए, उसकी फंडिंग पीएफआइ ने ही की थी। इसके साथ ही मोहम्मद अली पार्क चमनगंज में चल रहा प्रदर्शन भी इसी फंड के जरिये संचालित होने की भी जानकारी मिली है।
सीएए के विरोध को लेकर कानपुर में छिटपुट विरोध 15 दिसंबर से ही शुरू हो गए थे, लेकिन बड़ा बवाल 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद हुआ। बाबूपुरवा मे हिंसा के बाद गोलीबारी, पथराव और आगजनी में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन लोग घायल हुए थे।

यतीमखाने से हजारों की भीड़ ने निषेधाज्ञा तोड़कर शहर के एक बड़े हिस्से में जुलूस निकाला था, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी मच गई थी। दूसरे दिन यतीमखाना में पुलिस के साथ उपद्रवियों का खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें 40 से अधिक लोग घायल हुए। अब भी छिटपुट विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। मोहम्मद अली पार्क में एक महीने से भी अधिक समय से महिलाएं आंदोलन कर रही हैं।
पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में जानकारी मिली थी कि केरल के चरमपंथी संगठन पीएफआई ने विरोध के लिए धन मुहैया कराया है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि सेंट्रल एजेंसियों से इनपुट मिला था कि कानपुर में हो रहे बवाल के पीछे पीएफआई का हाथ है। पीएफआई ने इसके लिए यहां मोटी रकम खर्च की है। जांच में इनपुट पुख्ता हो गया। चरमपंथी संगठन के कुछ बैंक अकाउंट पर पुलिस की नजर में हैं। एसएसपी के मुताबिक मोहम्मद अली पार्क में चल रहे धरना-प्रदर्शन में भी पीएफआइ का धन प्रयोग हो रहा है।

उकसाने में खर्च किए 10 से 12 करोड़

कानपुर में सीएए विरोध को लेकर पीएफआइ ने कितनी फंडिंग की, आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा जा रहा है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक पीएफआइ ने कानपुर में भीड़ को उकसाने के लिए 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके लिए करीब 10 बैंक अकाउंट का प्रयोग किया गया है।

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