विधायक अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा सिंह की हत्या मामला : मोबाइल चार्जर के तार से गला घोंटकर की गई थी, CBI का दावा

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Lucknow (HM News)। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की नौतनवां सीट से विधायक अमनमणि त्रिपाठी (Nautanwa MLA Aman Mani Tripathi) की पत्नी सारा सिंह की हत्या मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Bureau of Investigation) की टीम ने पूरक आरोपपत्र दायर किया है।
न्यायाधीश रेखा अग्निहोत्री की विशेष अदालत में दी गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में सीबीआइ की टीम ने एक तहसीलदार और एक डॉक्टर को इस केस में साजिश रचने और सबूत मिटाने का आरोपित बनाया है। इसके साथ ही सीबीआइ ने चार्जशीट में अंदेशा जताया है कि मोबाइल के चार्जर के तार से गला घोंटकर तो सारा सिंह की हत्या की गई थी। सीबीआइ ने यह अंदेशा एक डॉक्टर के पैनल द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर जताया है।
सीबीआइ ने पहली चार्जशीट में महाराज गंज के नौतनवा सीट से विधायक और सारा सिंह के पति अमनमणि त्रिपाठी को आरोपित बनाया था। अमनमणि के खिलाफ सीबीआइ की विशेष अदालत में केस विचाराधीन है।
वहीं, अब सीबीआइ ने इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है, जिसमें फिरोजाबाद के पूर्व नायाब तहसीलदार और फिलहाल मैनपुरी में तैनात कृष्ण मुरारी दीक्षित और फिरोजाबाद के उसैनी स्थित प्राइमेरी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर पंकज राकेश को भी आरोपित बनाया गया है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने सारा के पोस्टमार्टम के दौरान गलत चोट लगना दिखाया था, जबकि नायाब तहसीलदार की रिपोर्ट यानी पंचनामे के मुताबिक, सारा को अलग-अलग स्थानों पर चोट लगी थी। दोनों की रिपोर्ट में मतभेद होने पर सीबीआइ ने दोनों को इस केस में आरोपित बनाया है।
वहीं, सीबीआइ ने चार्जशीट में बताया है कि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences, New Delhi) में डॉक्टरों के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में गला घोंटने की बात कही थी। यहां पर बता दें कि अमन मणि त्रिपाठी तमाम विरोधों और मोदी लहर के बावजूद यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में महाराज गंज के नौतनवा सीट से जीत हासिल की थी।

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