मुख्यमंत्री जी, नटवर लाल डीएमओ की साजिश से आसान नहीं होगी जलालपुर में भाजपा की डगर

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⏺ घोषित प्रत्याशी की शिकायत को विभाग के मंत्री ने भी नहीं लिया संज्ञान
⏺ मामला मदरसा शिक्षकों को लेकर संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा दिये पत्र का

लखनऊ। प्रदेश में सूबे की सरकार द्वारा 11 विधान सभाओ के उप चुनाव में जहां सभी सीटों पर कब्जा करने के लिए तरह-तरह का प्रयास किया जा रहा है वहीं अंबेेडकरनगर के जलालपुर की सीट पर होने वाले 21 अक्टूबर के मतदान में नटवर लाल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सिंह प्रताप देव की साजिश कही न कहीं भाजपा की डगर को आसान होने में बाधक बनने से इन्कार नहीं किया जा सकता। जब कि इस मामले में घोषित प्रत्याशी द्वारा तत्कालीन मंत्री को अवगत भी कराया जा चुका है किन्तु अभी तक मामला जस का तस है।
ज्ञात हो कि उक्त डीएमओ पूर्ववर्ती बसपा सरकार से ही भ्रष्टाचार मंे आकंठ हैं जिनके खिलाफ शिकायतों में विभिन्न जिलों में तैनाती की जांच में काला कारनामा उजागर होता जा रहा है, अब तक देखा जाय तो बागपत सहित हाल में उन्नाव के मामले में लगभग 35 से अधिक मुकदमें घोटाले व फर्जीवाड़े से सम्बंधित पंजीकृत हो चुके हैं किन्तु शासन में गहरी पैठ के चलते बाल बांका नहीं हो पा रहा है।
अंबेडकरनगर संवादसूत्र के अनुसार यहां तैनाती के अभी डेढ़ साल पूरा होने वाले हैं, इतने ही कार्यकाल में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक से लेकर प्रबंधक सभी त्रस्त हो चुके हंै जिनकी जुबान से निकलने शुरू हो गया है कि आखिर! मुख्यमंत्री जी, ऐसे भ्रष्टाचारी डीएमओ को क्यों नजरन्दाज कर रहे है। सिंह प्रताप देव के इस काले कारनामें को लेकर आगामी दिनों में होने वाले विधान सभा उप चुनाव में काफी भाजपा के लिए नुकसान दायक हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि मदरसों में तैनात अल्पसंख्यकों के सापेक्ष अधिक हिन्दू शिक्षक हैं जिन्हे शासन से 5 महीने का अंशदान व 22 दिन का केन्द्र से मानदेय का बजट अवमुक्त होने के पश्चात् भी किसी के खाते में नहीं भेजा गया यही नहीं इसके पूर्व साढ़े चार माह के अंशदान से दो दर्जन से अधिक मदरसों में कार्यरत एक सैकड़ा शिक्षक अभी तक वंचित है जिन्हे मदरसों की जांच के नाम पर भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसे लेकर मदरसा शिक्षकों मंे भारी आक्रोश है।
इस मामले में माडर्न मदरसा शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी का शिक्षकों के हित में लड़ाई जारी है जिनके द्वारा शिकायत पर तत्कालीन डीएम सुरेश कुमार ने शासन को अनुशासन हीनता की रिपोर्ट भी प्रेषित किया था, बावजूद मामला ठण्डे बस्ते में चला गया लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पीछा नहीं छोड़े।
इधर जलालपुर से 2017 के चुनाव में विजयी रितेश पाण्डेय द्वारा बसपा से लोकसभा में सफलता मिल गयी जिससे यह सीट रिक्त हो गयी। सरकार द्वारा इस सीट के लिए चुनाव की तिथि घोषित की गयी जिसके लिए आयोग सक्रिय हो गया। इस सीट पर भाजपा का परचम लहराये, शिक्षकों के आक्रोश को देखते हुये संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बार यहां भाजपा को कामयाबी मिले, के लिए घोषित प्रत्याशी ने डीएमओ सिंह प्रताप देव द्वारा किये जा रहे साजिश से अवगत करायाl
जिसके क्रम मंे राजेश सिंह ने सूबे के तत्कालीन मंत्री लक्ष्मी नारायण चैधरी को पत्र भेजकर डीएमओ के काले कारनामे की जानकारी दी लेकिन अभी तक नतीजा सिफर है, जब कि इस विधान सभा क्षेत्र में कई दर्जन संचालित मदरसों में कार्यरत शिक्षकों में जिस तरह से आक्रोश पनप रहा है, इससे कही न कही चुनाव में विरोध के स्वर मुखर होने की संभावना हैl
जिससे एक तरफ जहां एक-एक वोट पर भाजपा प्रदेश नेतृत्व अपने कब्जे में करने के लिए बेताब है वहीं शिक्षक व उनका परिवार जो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कृत्य से आहत हंै, उनके द्वारा चुनाव में नोटा अथवा अन्य दल के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया जा सकता है।

(अगले अंकों में डीएमओ सिंह प्रताप देव को बचाने में शासन व जिलों के कौन-कौन अधिकारी निभा रहे हैं भूमिका, के बेनकाब होंगे चेहरे)

Report : G.P Singh & Hindmorcha Team Lucknow with Ambedkarnagar Inputs

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