इश्क की हवस में इस कदर अंधी हुई विवाहिता कि 17 साल की शादीशुदा जिंदगी में खुद ही लगा ली आग

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Varanasi (Avijit Singh)l प्यार अंधा होता है, ऐसा अक्सर सुनने और देखने को मिल जाता है। ऐसा ही एक मामला वाराणसी में सामने आया है। यहां की एक महिला ने खुद से 12 साल छोटे युवक के प्यार में पागल होकर पति की हत्या कर दी। शादी के 17 साल बाद वाराणसी के सेनपुरा की रूपा चौरसिया को 12 साल छोटे आमिर से प्यार हुआ तो दोनों ने जीने-मरने की कसम खा ली। परिवार की परवाह न करते हुए आमिर और उसके दोस्त रवि कसेरा व अमन के साथ रूपा ने टीबी की बीमारी से पीड़ित पति संतोष चौरसिया का गला दबा दिया।
इसके बाद परिजनों को पति की बीमारी का हवाला देकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को रूपा सहित चार आरोपियों को जेल भेजा। आमिर के पास से .32 बोर की देसी पिस्टल, दो कारतूस और चार मोबाइल बरामद किए गए।
पानदरीबा के व्यापारी संतोष की 2002 में रूपा से शादी हुई थी और दोनों के तीन बच्चे हैं। 21 जुलाई की रात संदिग्ध हाल में संतोष की मौत हो गई थी। सूचना पाकर गाजीपुर के मियांपुरा कोयला घाट से संतोष की बहन सरिता मायके आई। पति की मौत के बाद भी रूपा को मोबाइल पर घंटों बात करते देख सरिता को शक हुआ तो वह घर के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू की।
सामने आया कि 21 जुलाई की रात उसके भाई के घर तीन युवक आए थे। सरिता ने चेतगंज इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार से भाई की हत्या की आशंका जताते हुए गुरुवार की रात तहरीर दी। इंस्पेक्टर चेतगंज ने सीसी कैमरे में कैद युवकों और रूपा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो मामला परत दर परत खुलता चला गया।
सवा साल पहले दालमंडी में हुई थी दोनों की दोस्ती
रूपा ने बताया कि अप्रैल 2018 में वह दालमंडी में सामान खरीदने गई थी। इसी दौरान आर्टिफिशियल ज्वेलरी के दुकानदार हकाक टोला निवासी आमिर से उसकी दोस्ती हुई। दोनों में करीबी बढ़ी तो आमिर उसके घर आने-जाने लगा। संतोष को इसकी भनक लगी और उसने नाराजगी जताई तो रूपा ने उसे ठिकाने लगाने के लिए आमिर को पिस्टल खरीदने का पैसा दिया।
इसी बीच पता लगा कि संतोष को टीबी हो गई है तो रूपा ने उसे घर पर ही ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 21 जुलाई की रात रूपा के घर पर आमिर के साथ भुलेटन का रवि कसेरा और हकाक टोला का अमन आया। चारों ने गला दबा कर संतोष की हत्या कर दी और वापस लौट गए। संतोष की बीमारी के कारण परिजनों को किसी पर शक भी नहीं हुआ।

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