मिलेगी गर्मी से राहत, केरल पहुंचा मानसून, उत्तर भारत को करना होगा इंतजार

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नई दिल्‍ली (Agency)। मानसून केरल के तट से टकरा गया है। लगभग एक सप्‍ताह की देरी से आए मानसून के केरल के तट से टकराते ही देश में चार महीने की वर्षा के मौसम की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून की बारिश करीब 93 प्रतिशत रहेगी जो औसत से कम है। भारतीय मौसम विभाग 96 से 104 प्रतिशत बारिश को औसत या सामान्य मानता है।
इसकी गणना वह जून से प्रारंभ होने वाले चार महीनों में पिछले 50 साल की औसत 89 सेंटीमीटर बारिश से करता है। बताया गया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथियां जून के आखिरी हफ्ते में पड़ती हैं। लेकिन इस बार यह करीब 10-15 दिन की देरी से यहां पहुंचेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे स्थानों पर आज बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। असम, मेघालय, केरल और प.बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग की साइंटिस्ट सुनीता देवी ने बताया कि केरल में आज मानसून आ गया। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले 48 घंटों में यह लक्षद्वीप और केरल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ तमिलनाडु में भी आगे बढ़ेगा।
इस समय पूरा देश गर्मी की मार झेल रहा है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी से लोग परेशान है। दिन हो या रात लोग सिर्फ अच्छे-सुहाने मौसम की तलाश में हैं, जिससे की उन्हें इस भीषण गर्मी से निजात मिल सकें।
बताया गया कि इस बार देश में मानसून 7 जुलाई के बाद पहुंच जाएगा। वहीं, अब नई अपडेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर देश में दस्तक देगा मानसून।
इससे पहले बुधवार को मौसम विभाग ने बताया था कि जल्द केरल में मानसून पहुंचेगा, लेकिन इस बीच राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के कई हिस्सों में अलर्ट जारी कर दिया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(KSDMA) ने 10 जून को त्रिशूर और 11 जून को एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
पिछले साल की तबाही अभी कौन भूला होगा, जब केरल के लिए पूरी दुनिया ने प्रार्थना की थी। बता दें कि गत वर्ष भी केरल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया था। 2018 में केरल सदी की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था। इस आपदा में काफी लोगों ने अपनी जान गंवा दी और हजारों लोग बेघर हो गए थे।

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