मुख्यमंत्री जी! चकबंदी विभाग में बैठे जूनियर सुरेश यादवों पर कार्यवाही कब?

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  • खुद को सीएम योगी आदित्यनाथ का बताता है करीबी

  • सोनभद्र में तैनाती के दौरान डीएम ने दिया था वेतन रोकने का आदेश

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर सूबे की योगी सरकार ने अपर संचालक चकबंदी आयुक्त सुरेश यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर मामलों में प्रशासनिक उदासीनता को अपने संज्ञान में लाते हुए कडा कदम उठाया और सुरेश यादव की गिरफ्तारी के आदेश दिए।
जो सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ सजग और जागरूक होने का प्रमाण है। इसी प्रकार जिलों में चकबंदी विभाग में बैठे ऐसे और भी भ्रष्ट अधिकारी हैं। जिनका एक मात्र धर्म भ्रष्टाचार की गोद में बैठकर फलना फूलना है। इन जैसे अधिकारियों को आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
इसी क्रम में यूपी का एक जिला एटा जहां चकबंदी विभाग में एक और जूनियर सुरेश यादव विराजमान हैं। इनका नाम नितिन चौहान है। जो बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के पद पर जनपद एटा में पिछले 4 वर्षों से तैनात है। जबकि जिन जनपदों में चकबंदी का कार्य चल रहा होता है। वहां तीन वर्ष से अधिक की तैनाती नहीं की जा सकती है।
नितिन चैहान के खिलाफ भ्रष्टाचार सम्बन्धी कई शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन इसका परिणाम शून्य रहा। इन्होने अपने कार्यालय में दो कलेक्शन एजेंट बना रखे हैं। जो खाते तो सरकार का हैं लेकिन आम जनता का खून चूसकर उनसे धन उगाही करके अपने आका नितिन चैहान को देते हैं।

जिनके नाम क्रमशः बनारसी लाल जो बाबू के पद पर तैनात है तथा दूसरा भूदेव सिंह जो चकबंदी विभाग के कानूनगो के पद पर तैनात है। भ्रष्टाचार का आलम ये है कि तमाम शिकायतों के बाद भी इन लोगों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है जैसे लगता है कि इन्हे किसी रसूखदार का संरक्षण प्राप्त हो।
नितिन चौहान द्वारा धन उगाही का एक नायाब तरीका भी है जिसमे यह अपने लोगों द्वारा, लेखपालों के खिलाफ झूठी शिकायतें कराते हैं और फिर पैसों की मांग कर उन्हें बहाल भी करते हैं। इनके अधीनस्थ कर्मचारी इनसे भयभीत रहते हैं क्योकि ये अपने आप को मुख्यमंत्री योगी का नजदीकी बताकर अपना रौब गांठते हैं।
इसी कारणवश कोई भी इनका विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। इसके पूर्व की सपा सरकार में जब यह जनपद सोनभद्र में तैनात थे तो वहां के तत्कालीन जिलाधिकारी डी के सिंह ने इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की थी और चकबंदी आयुक्त को भी कार्यवाही के लिए सूचित किया था।
जब तक जिले स्तर पर चकबंदी विभाग में नितिन चौहान जैसे अधिकारी मौजूद रहेंगे तब तक योगी सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति कभी सफल नहीं हो सकती। ऐसे अधिकारी जो सूबे के मुखिया का नाम लेकर सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। ऐसे भ्रष्ट अधिकारीयों की जांच भी शीर्ष स्तर पर की जानी चाहिए क्योकि इनके रहते आम जन का भला कभी नहीं हो सकता और न ही भ्रष्टाचारियों में भय व्याप्त होगा।

रिपोर्ट : हिन्दमोर्चा टीम लखनऊ

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