सीएमओ साहब! जब क्लीनिक के हैैं रजिस्ट्रेशन तो कैसे चल रहा बसन्त हास्पिटल

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⏺  अस्पताल का दावा करते-करते संचालक विजय शंकर ने बदला बयान
⏺  विभाग के अधिकारियों पर आरोप, माहवारी तय कर चलवा रहे अस्पताल

अंबेडकरनगर। जिले में संचालित अस्पताल व नर्सिंग होमों के बारे में विभाग जहां यह कहते पल्ला झाड़ रहा है कि सभी के रजिस्टेªशन क्लीनिक के हैं तो कैसे उनके संचालन हो रहे है? इसे लेकर अब जनमानस के स्वर भी मुखर होने लगे है और उनके द्वारा तरह-तरह के आरोप भी लगाये जा रहे हैं। हालाकि एक हास्पिटल के संचालक का दावा है कि नियम के अनुरूप चल रहा है।

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ज्ञात हो कि गत दिवस हिन्दमोर्चा पत्रिका केे बेवपोर्टल पर ‘‘सीएमओ साहब! रजिस्टेªशन क्लीनिक के फिर कैसे चल रहे हैं अस्पताल’’ शीर्षक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गयी है जिसके अन्त में यह उल्लेख किया गया है कि यह अभियान जारी रहेगा।

बुधवार को जब संवाददाता ने जिला मुख्यालय के मालीपुर रोड स्थित बसन्त हास्पिटल का जायजा लिया तो इसका बड़ा सा बोर्ड लगा मिला। जब कि सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार से लेकर अपर सीएमओ डाॅ. सालिकराम व पटल लिपिक ओपी शर्मा का कहना हैै कि अभी तक जिले में किसी हास्पिटल व नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन नहीं हुये हैं, सभी क्लीनिक के रजिस्टेªशन हैं।

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मरीजों के आपरेशन व भर्ती के सवाल पर जबाब नहीं दे सके। अब सवाल यह उठता है कि आखिर! विभाग ने जब क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन किये है तो कैसे उक्त अस्पताल चल रहा हैं।

हालाकि बसन्त हास्पिटल के संचालक डाॅ. विजय शंकर से इस बावत उनका पक्ष जाननेे के लिए सम्पर्क किया गया जिन्होने पहले तो दावा करते हुये बताया कि हमारे हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन हंै लेकिन बात करते-करते ही अचानक मोड़ ले लिये, कहा कि क्लीनिक का ही रजिस्ट्रेशन है, लेकिन ऐसा नहीं है कि मरीज के भर्ती व आपरेशन नहीं किये जा सकते, स्थिति जैसी आती हंै उसके अनुसार समय पर सब कुछ करना पड़ता हैं।

दूसरी ओर जनमानस के आरोप है कि यह विभाग के भ्रष्टाचार की देन है जिसके चलते रजिस्ट्रेशन क्लीनिक के और बोर्ड हास्पिटल व नर्सिंग होम के लगाये जा रहे हैं, यही नहीं रजिस्ट्रेशन में जिन चिकित्सकों के डिग्री लगायी गयी है, वे मरीजों के उपचार नहीं कर रहे हैं, अप्रशिक्षित अथवा रोग के विपरीत चिकित्सक इलाज कर रहे है जिसका नतीजा है कि लापरवाही में मरीजों की मौतें भी होती रहती है किन्तु विभाग के अधिकारियों की माहवारी तय होने से शिकायतों में दोषी पाये जाने के बाद भी उन्हे बचाये जाने का प्रयास किये जाते है।

(अगले अंक में पढ़िए इससे सम्बंधित खबर)

रिपोर्ट : हिन्दमोर्चा टीम अम्बेडकरनगर

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