शाह सर, सावधान रहें कटेहरी वाले बीजेपी नेता द्विवेदी बाबा से

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⏺  2017 की असफलता को देखते हुये इस बार गंभीरता से लेने पर जोर
⏺  इस चुनाव में इनके क्रियाकलापों को संज्ञान लेना होगा बेहतर-राजेन्द्र

(प्रदीप कुमार पाठक)

लखनऊ। प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के भीटी तहसील अन्तर्गत निवासी राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व रामलाल जी को पत्र भेजकर कटेहरी वाले भाजपा नेता से सावधान रहने की आवश्यकता पर जोर दिया था किन्तु गंभीरता से नहीं लिया गया जिसे लेकर उन्होने इस बार के चुनाव में भी उनकी गतिविधियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

ज्ञात हो कि हिन्दमोर्चा लखनऊ कार्यालय को उपलब्ध कराये पत्र में राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय ने 2017 के विधान सभा चुनाव में कटेहरी-277 सीट से प्रत्याशी चयन पर उंगली उठाया है। उन्होने 20.10.2016 को प्रधानमंत्री सहित अन्य को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 1977 के जनता पार्टी की लहर में इस क्षेत्र से लोकसभा तथा विधान सभा की सीट पार्टी को मिली थी।

इसके बाद राम लहर में 1991-92 में कटेहरी से अनिल तिवारी विजयी हुये और राज्यमंत्री के रूप में सेवा किये जिनकी छबि अत्यन्त ही प्रशंसनीय है, यहां की जनता इन्हे आज भी प्यार से मिनी अटल के नाम से सम्बोधित करती है।

कुछ काल इस पर्यन्त पावन धरती पर र्दुभाग्य से बहन जी/भाई साहब का चरण पड़ा जिससे वातावरण विषैला होता चला गया जिससे फिर कमल नहीं खिल पाया है।

मोदी लहर का लाभ प्राप्त कर हरिओम पाण्डेय सौभाग्य से गंगा पार हो गये है, वर्तमान में स्थित भिन्न है, सच्चाई है कि पूर्वोक्त लहरों का वेग अब फीका हो गया है और यह प्रकृति सिद्ध भी है क्यों कि लहरे स्थायी नहीं होती है।

अब प्रत्याशी के निजी पुरूषार्थ के बिना चुनाव जीत पाना संभव नहीं है, उ.प्र. में आसन्न चुनाव के चलते क्षेत्र के सीजनल संभावित प्रत्याशी अपनी ईमानदारी, कर्मठता, सामाजिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर रहे है, जो स्वाभाविक भी है इन्ही संभावित प्रत्याशियों की सूची में एक श्री अवधेश कुमार द्विवेदी जी सक्रिय रूप से नजर आ रहे है.

जिनके ‘‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’’ के बड़े बोर्ड चैराहों पर अफसोस जता रहे हंै तथा जनता पढ़कर परिहास कर रही है क्यों कि श्री द्विवेदी स्वयं आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे है तथा भ्रष्टाचार से इनका रिश्ता पुराना है, आप को संज्ञान में लेने हेतु कुछ प्रमाण स्वरूप नमूने प्रस्तुत है,.

संयुक्त शिक्षा निदेशक फैजाबाद मण्डल फैजाबाद को प्रेषित उप विद्यालय निरीक्षक(उर्दू) कार्यालय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) फैजाबाद मण्डल फैजाबाद की जांच आख्या पत्रांक जांच /डीआई उर्दू/36/90/2013-14 दिनांक 16.8.13 (छाया प्रति संलग्न) तथा शासन को प्रेषित शिक्षा निदेशक माध्यमिक की जांच आख्या दिनांक 7.3.2016 की छाया प्रति संलग्न उक्त दोनों आख्याओं के प्रस्तर 04 पर अंकित श्री शंकर संस्कृत उचत्तर माध्यमिक विद्यालय गांधी नगर भीटी का विधिवत अध्ययन किया जाना आवश्यक है क्यों कि उक्त संस्था के अध्यक्ष श्री अवधेश कुमार द्विवेदी ही है।

इस संस्था में विगत कई वर्षो से श्री द्विवेदी के संरक्षण प्रति वर्ष बीसों लाख रूपये भ्रष्टाचार के माध्यम से धन का दुरूपयोग किया जा रहा है, इन दिनों भाजपा से टिकट पाने की लालसा से कुछ दिनों के लिए अपना मूल धर्म बसपाई धर्म त्याग कर माननीय मोदी जी केे भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान में सक्रिय हो गये है।

इनके द्वारा यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि पार्टी आला अधिकारियों को रूपया दे दिया गया है इसलिए टिकट पक्का हो गया है, हम लोगों को इस बिन्दु पर विश्वास नहीं होता लेकिन आमजनता के बीच पार्टी की छबि पर गलत संदेश जाना स्वाभाविक है क्योंकि यह संस्कृति बहन जी की हो सकती है बीजेपी की नहीं।

इस क्षेत्र की जनता कभी सायकिल तो कभी हाथी पर बैठने को आदी हो गयी है, विकल्प के रूप में इस क्षेत्र में बेदाग भाजपा का वफादार जो भी हो प्रत्याशी के आने पर ही कमल खिलेगा अन्यथा (भृंगाः पुनः विकच पद्म बने वशन्ति) कमल खिलने की प्रत्याशा मंे सादर! उक्त के बाबत मुलाकात पर उन्होने कहा कि उस दौरान केन्द्र एवं प्रदेश नेतृत्व द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हे टिकट देकर सीट गंवायी गयी।

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इधर 55 लोकसभा सेे चुनाव लड़ने को बेताब हैं जिनके द्वारा लखनऊ से लेकर दिल्ली का सफर किया जा रहा है और यह कहे भी जा रहे हैं कि जेपीएस राठौर हो अथवा महामंत्री संगठन या रामलाल जी टिकट लेकर रहेंगे और किन्ही कारणों से सफल नहीं हुये तो अपने में से किसी न किसी को दिलवाकर रहंेगे।

ऐसे में आपको (अमित शाह जी) कटेहरी वाले विधान सभा का चुनाव हार चुके अवधेश द्विवेदी बाबा से सावधान रहना होगा जिनके क्रियाकलाप से वर्तमान में संगठन भी बेहतर ढंग से क्रियाशील नहीं है। ऐसी दशा में यहां की सीट जो दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है, परचम लहराने के लिए विचार करना जरूरी है।

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