औद्योगिक आस्थान सिधौली की सूरतेहालात पर एक नजर

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  • सरकारी नीति से उद्यमी हलकान ,
  • सरकार द्वारा अधिग्रहीत की गई करोड़ो की कई एकड़ भूमि पर दबंगो कर रहे है खेती

B. B. Singh Chauhan

Sitapur : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने देश के सबसे बड़े जनसंख्या एवं क्षेत्रफल वाले पिछड़े प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए कितने भी प्रयास करें पर सिस्टम इतना भ्रष्ट है कि जितना सरकार आगे चलने की कोशिश करती है सिस्टम उसको पीछे ही पीछे खींचता है। जनपद सीतापुर की तहसील सिधौली से लगे औद्याोगिक आस्थान अलदादपुर की सूरत देखने के बाद समझ ही जायेंगे कि सरकार का सिस्टम विकास के विचार से ही कोसो दूर है ।

बताते चले कि करीब तीन दशक पूर्व औद्योगिक विकास विभाग द्वारा सिधौली मिश्रिख मार्ग पर कस्बा सिधौली से लगे हुए अलादादपुर में भूमि का अधिग्रहण कर उद्योग के लिए एक एरिया स्थापित किया था जिसमे नाली, पार्क , रोड , विद्युत आदि की बेहतर व्यस्थाओं के साथ उद्यमियो को उद्योग स्थापित करने हेतु भूखंडों के आवंटन किस्तो के आधार पर उद्यमियों को किये गए।

जिसमे अनेक व्यापारियों ने दाल मिल , राइस मिल जैसे अनेक उद्योग स्थापित कर लिए लेकिन सिस्टम की बेजा दखलदांजी इतनी अधिक हुई कि जिन उद्यमियो ने बैंको से ऋण लेकर उद्योग स्थापित किये वह बैंक एवं उद्योग विभाग को समय से किस्त ना अदा कर पाने की वजह से उद्योग धीरे धीरे बन्द हो गये। ऐसी स्थिति में पहुंच जाने के बाद उन आवंटित उद्यमियो ने भी भूखंडों की रजिस्ट्री नही करवाई जिसके कारण औद्योगिक आस्थान में बनी मिलो में ताले लटकने लगे।

मिलो में लगी मशीने कुछ कबाड़ के भाव बिक गयी , कुछ बिकने की राह देख रही है परंतु सरकारी नीति उद्योग को चलाने में नही बल्कि स्थापित करने से लेकर जब तक चले कमाते खाते रहो और सरकारी कागजो में विकास की तो बात ही निराली है वह तो फाइलों में चलता ही रहता है।

औद्योगिक एरिया अलादादपुर में लगा बिजली का ट्रांसफार्मर, जो सिर्फ उद्यमियो के द्वारा स्थापित उद्योगो को बिजली सप्लाई देने के लिए लगाया गया था जिसे अब से वर्षों पहले बिजली विभाग के अधिकारी ले गए ।

उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र का पैसा भी जमा है लेकिन ट्रान्सफार्मर नही है यहाँ पर यह देखना जरूरी है कि इस अधिग्रहित एरिया में ना तो सड़क है ना ही नाली, ना ही पानी के निकास का नाला, और ना ही पीने के लिए हैंडपम्प यहाँ तक कि विभाग का बना सरकारी आफिस में गांव के अराजक लोगों ने जुआ और शराब का अड्डा बना दिया इसके अलावा भी पूरा परिसर विभागीय निष्क्रियता के कारण अपनी स्थापना पर आंसू बहा रहा है।

ऐसा नहीं कि सिधौली के ही औद्योगिक आस्थान की दुर्गति है, उद्यमियो को स्थापित करने से अग्रहीत की गई लाखो, करोड़ो की भूमि महमूदाबाद , मिश्रिख से लेकर सीतापुर तक सब का हाल राम भरोसे चल रहा है और यहाँ तक कि इस सरकारी भूमि पर महमूदाबाद में तो उस पर कब्जा कर वर्षो से दबंगो द्वारा खेती करने पर भी उद्यम विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है।

यहाँ पर यह भी बताना आवश्यक है कि अगर वाकई सीतापुर में विकास की रोशनी चाहिए तो जिला प्रशासन को उद्योग विभाग की औद्योगिक क्षेत्र को उद्यम लायक बनाकर उद्योग करने वाले लोगो को प्रोत्साहित करें , भूमि भी है , साधन भी है, उद्यमी भी है बस शासन एवं खासकर प्रशासन की नीति और नीयत को दुरुस्त करना होगा अब देखना यह होगा कि सरकार कब उद्यम लायक सुबिधाये मुहैया करवाएगी जिसमे इंस्पेक्टर राज का आतंक ना हो ।

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