चौहान परिवारों के बीच हुए झगड़े में फर्जी फंसाये जा रहे ब्राह्मण परिवार 

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  • पूर्व प्रधान के लड़कों को फर्जी फंसाने से आहत पूर्व प्रधान को हुआ हृदयाघात

  • ग्रामीणों का आरोप है कि फौजी फर्जी खबर चलवाकर ख्याति बटोरने का कर रहा है प्रयास

  • वीडियो में टेंपरिंग कर लोगों को कर रहा है गुमराह

अयोध्या,(HM NEWS)- अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र के सत्ती चौरा चौकी अंतर्गत ग्रामसभा गोंड़वा में दो सजातीय पक्षों स्वास्थ्य कर्मी ऊषा और फौजी भगवती (लोनिया विरादरी) में गत 10 दिन पहले जमीनी विवाद को लेकर झगड़ा हो गया था।झगड़ा होता सुनकर मौके पर गांव के लोग इकट्ठा हुए और डायल 112 को सूचना दी।डायल 112 को आने में देरी होता देख मौके पर मौजूद गांव निवासी कुछ लोग दोनों पक्षों में बीच बचाव की कोशिश करने लगे।
इस घटना का दुखद पहलू यह है कि झगड़ा तो दो चौहान परिवारों में हुआ लेकिन प्रधानी का चुनाव नजदीक होने के कारण गवईं राजनीति के चलते झगड़े का नेतृत्व वर्तमान व पूर्व ग्रामप्रधान जोकि दोनों जाति से ब्राह्मण हैं ने अपने हाथों में ले लिया तथा एक पक्ष ने पहल करते हुए विपक्षी पक्ष के पांच ब्राह्मणों के खिलाफ अनायास ही चोटहिल पूर्व फौजी भगवती के जरिये गंभीर धाराओं में रपट दर्ज करा दी।
इतना ही नहीं झगड़े की सूचना पाकर मौके पर खबर कवरेज करने गए जनमोर्चा अखबार के पत्रकार अखिलेश्वर मिश्र के खिलाफ भी गवाईं राजनीति के चलते ही रपट दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। गांव निवासी जनकलाल पासी तथा हृदयलाल पासी ने बताया कि  जब झगड़ा दो चौहान परिवारों के बीच मे हुआ तो उस झगड़े में पंडितों के ऊपर रपट लिखाने का क्या औचित्य है ।
पांच ब्राह्मणों पर फर्जी रपट लिखाने तथा पत्रकार अखिलेश्वर मिश्र को उस झगड़े में घसीटने से साफ नजर आता है कि इस घटना में दोषियों के  विरुद्ध कार्यवाही न करवाकर गवईं राजनीति के चलते निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
इस प्रकरण में लिखाई गयी रपट फर्जी इसलिए भी साबित होती है कि घटना की जांच करने गए एसपी ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह ने भी पत्रकारों के समक्ष यह स्वीकार किया था कि इस मारपीट की पहल रिटायर्ड फौजी भगवती ने की थी इन्होंने ही स्वास्थ्यकर्मी ऊषा के परिवार को पीटा था। तथा उसी मारपीट में धक्का खाकर फौजी खुद चोटहिल होकर गिर गया था इस बात को जब एसपी ग्रामीण ने खुद स्वीकार किया था तब कैसे दूसरे पक्ष के विरुद्ध गंभीर धाराओं में रपट लिख गई यह समझ से परे है।

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