रसोई घर का बिगड़ा बजट, एक तरफ आमदनी घटी तो दूसरी ओर बढ़-चढ़कर बोल रहे अनाज कीमतों के दाम

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वाराणसी, (HM NEWS)- मां अन्‍नपूर्णा की मानी जाने वाली भारतीय रसोई में गुपचुप तरीके से महंगाई डायन ने इन दिनों कब्‍जा कर रखा है। माना जा रहा है कि इसके पीछे आयात पर निर्भरता कम होना है। कारोबारियों के अनुसार आने वाले दिनों में सीजन बेहतर रहा तो दामों पर काफी हद तक लगाम लग जाएगी।कनाडा से भारत सरकार ने मटर आयात बंद किया तो भारत में मटर का दाम दोगुना हो गया है।
इधर बारिश के कारण नुकसान हुई फसल और कम उत्पादन के कारण इस समय सब्जियों का बाजार भी आसमान पर है। ऐसे में घरों में काबुली चना, बेसन और सोयाबीन की खपत बढ़ गई है, जिस कारण इनके दामों में करीब 10 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं, मटर का दाम पहले जहां 40 रुपये प्रतिकिलो था वह बढ़कर 80 से 85 रुपये हो गया है।
मटर दोगुना महंगा होने का कारण
विश्वेश्वगंज मंडी के थोक व्यवसायी भगवान दास ने बताया कि एक्साइज ड्यूटी को लेकर जब से भारत सरकार ने कनाडा से आयात बंद किया है तब से वहां से मटर नहीं आ रहा है। बनारस के मंडी में मध्यप्रदेश, बिहार और यूपी के कुछ जिलों से मटर की आवक हो रही है, लेकिन कनाडा के मटर की तरह यहां का मटर नहीं है। क्वालिटी बेहतर न होने के कारण देसी मटर की मांग कम है।
जिन व्यापारियों के पास पहले से कनाडा का मटर बचा है वह अब दोगुना दाम पर बेच रहे हैं। हालांकि मध्यप्रदेश और बिहार से आने वाले मटर की मांग की तुलना में पूर्ति कम है। दाम में बढ़ोत्तरी का एक प्रमुख कारण यह भी माना जा रहा है। व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक जैसे ही भारत सरकार कनाडा से आयात पर लगे प्रतिबंध को हटाएगी वैसे ही दाम गिरने के आसार हैं।
राजमा और काबुली चना में भी 10 रुपये का उछाल
व्यवसायी मुकेश जायसवाल ने बताया कि आमतौर पर जब बाजार में सब्जियों के दामों में वृद्धि होती है तो लोग सब्जी के बजाए इन दलहनी फसलों पर निर्भर हो जाते हैं। इस कारण इस समय बाजार में राजमा और काबुली चना के भावों में लगभग 10 रुपये प्रतिकिलो का उछाल आया है। वहीं, मंडी में मांग के अनुरूप आपूर्ति हो रही है।
महंगी दाल से बेसन भी हुआ महंगा
चने की दाल में उछाल के कारण बेसन भी महंगा हो गया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे ही दालों के दामों में गिरावट होगी बेसन का भाव अपने आप टूटकर पुराने भाव पर आ जाएगा।
रसोई का बिगड़ रहा बजट
महिलाओं का कहना है कि इस समय रसोई के बजट में करीब 25 फीसद ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। बाजार में सब्जी के साथ-साथ दलहन के भी दाम बढ़ गए हैं। बजट मेंनटेन करने के लिए इस समय महिलाएं दाल की जगह कढ़ी और छोले का प्रयोग कर रही हैं, लेकिन अब दलहन के भी दाम बढ़ रहे हैं।

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