वेशकीमती लकड़ियो को काटने के बाद फाड़कर जलौनी के तौर पर कश्बों में बेचने का कार्य

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चौक दक्षिणी रेन्ज के अन्तर्गत आज के दौरान वेशकीमती लकड़ियो को काटने के बाद फाड़कर जलौनी के तौर पर कश्बों में बेचने का कार्य किया जा रहा हैं।सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार।उत्तर प्रदेश महराजगंज जिले के ।
दक्षिड़ी चौक रेंज क्षेत्रों के जंगलों से हरे पेडों को काटकर जंगल से लेकर परसौनी चौराहे से जाने वाली रोड से आजकल वेशकीमती लकड़ियों को फाड़कर जलौनी बनाकर बेचने का पेशा बना लिया गया है इस अवैध कटान से जंगल की कीमती पेड़ खत्म किया जा रहा है।इस कटान को रोकना वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है।

लेकिन जब वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत से पेड़ों की कटान किया जा रहा है।तो कैसे इस पेड़ की कटान रोका जा सकता है। क्योंकि जब अधिकारी व कर्मचारी वन विभाग के पेडों खत्म करने के लिए जुटा हुआ हैं।तो आम आदमी क्या करेगा अगर क्षेत्र की गरीब जनता टूटी फूटी लकड़ियों के लिए लेने जंगल में चले जाते हैं तो उस गरीब जनता को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा उस गरीबों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
लकड़ियों के तस्करी करने वाले तस्कर हरे पेडों को काट कर लेजाते हैं तो उन तस्करों के साथ कर्मचारियों से मिलकर सौदा तय किया जाता है।जब वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भक्षक बना रहेगा तो वन विभाग के पेड़ों की रक्षा कौन करेगा जब इस सम्बन्घ में दक्षिड़ी चौक रेंज के एक जिम्मेदार अधिकारी से पूछताछ किया गया तो अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि इस अवैध कार्य को रोकने हेतु कड़ा कदम उठाने की बात कही लेकिन आज के दौरान भी आये दिन लकड़ियों की तस्करी बड़ती जा रही है।
अशोक चौधरी संवाददाता परसौनी।

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