Dial 112 वाहन का शीशा तोड़ने व पुलिस कर्मियों से दुर्व्यवहार मामले में मुकामी पुलिस का अजब तमाशा, 10 नामजद और 10 अज्ञात, जिसमें एक नाबालिग व ऐसे लोगों के नाम जो सो रहे थे अपने घरों में

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अम्बेडकरनगर मालीपुर। कुछ माह पहले 13 मई की रात में मालीपुर थानाक्षेत्र के जगतुपुर गांव में 112डायल वाहन का पिछला शीशा तोड़ने व पुलिस कर्मियों के साथ किये गए दुर्व्यवहार के दर्ज मुकदमे में जहाँ एक नाबालिक का नाम है वही कई ऐसे नाम भी है जिनको इस घटना की जानकारी ही नहीं थी।रात में अचानक से पुलिस घर पहुँचने व उन्हें थाना पर लाने के बाद उन्हें इस घटना की जानकारी हुई।अब सवाल यह उठता है कि वाहन का पिछला शीशा तोड़ने में कुल कितने लोग शामिल रहे होंगे।
शायद 20 लोगो ने एक शीशा को नही तोड़ा होगा इसको तोड़ने में महज एक ईंट की जरूरत पड़ी होगी और वह एक ही व्यक्ति कर सकता है।फिर सवाल यह है कि इस मुकदमे में कुल 10 नामजद और 10 अज्ञात कैसे हो सकते है।112 डायल के पुलिसकर्मियों द्वारा दर्ज कराए गए इस मुकदमे में जबर्दस्ती निर्दोष लोगों को फसाने की बू आती है।कानून कहता है कि दोषी भले ही पकड़ में न आये किन्तु निर्दोषों को दूसरे द्वारा किये की सजा न मिले।जिसका पालन विवेचक नही कर रहे हैं।
ताज्जुब तो तब है जब विवेचक को सही और गलत व्यक्ति की जानकारी है।बिदित हो कि लॉक डाउन के दौरान रात में किसी बात को लेकर गांव के कुछ लोगो के साथ अन्य गांव के दो लोगो के बीच मारपीट हो जाती है।मारपीट में दोनों पक्ष के लोगो को चोट लग गई।सूचना पर पहुँची पुलिस ने घायलों को इलाज कराकर तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।उसी रात दूसरे पक्ष के लोग जब मेडिकल कराकर वापस गांव लौटते हैं तो सड़क पर खड़े होकर गाली गलौज बकने लगते है।
शिकायत पर पहुँचे 112डायल के सामने ही पहले से गाली दे रहे लोग गाली देना बंद नही कर रहे थे और पुलिस कुछ बोल नही रही थी।इसी बात को लेकर ग्रामीणों का विबाद हो रहा था कि 112 डायल का शीशा टूटने की आवाज हुई और वहाँ अफरातफरी मच गई।112डायल वाहन का शीशा टूटने की खबर पर पहुँची पुलिस ने गांव में जमकर तांडव मचाया और जो जहाँ मिला उसे हिरासत में ले लिया और थाना में लाकर आरोपी बना दिया।
निर्दोष लोग पुलिस से अपने निर्दोष होने की बात बता रहे थे लोग कह रहे थे कि मारपीट व झगड़ा की जानकारी ही नही है किंतु पुलिस ने एक न सुनी और 10 ज्ञात व 10 अज्ञात को आरोपी बना दिया गया।अब सवाल यह उठता है कि एक शीशा तोड़ने में कितने लोगों ने पत्थर मारा होगा अथवा पत्थर भीड़ को मारा जा रहा था जो अचानक 112डायल वाहन के शीशे में लग गया।
आधी रात को हुई इस घटना में एफआईआर कराने वाले पुलिसकर्मी तो भीड़ को समझाने व विबाद का कारण पता लगाने में व्यस्त रहे होंगे तो दूर खड़ी 112डायल का शीशा किसने तोड़ा होगा इसकी जानकारी तत्समय 112 डायल पर तैनात पुकिसकर्मियो को किसने दी।आरोपी जगदम्बा सिंह,सूर्यनारायण सिंह आदि का कहना है कि इस घटना की हम लोगो को जानकारी ही नही थी हम लोग घर पर सो रहे थे जब पुलिस रात में घर आई और जबर्दस्ती थाना उठा ले गई और आरोपी बना दिया।
मालीपुर थानाक्षेत्र के जगतुपुर गांव के दो दर्जन से अधिक युवाओं, बुजुर्गों व नाबालिक को आरोपी बनाए जाने से ग्रामीणों में जहाँ भय व्याप्त है वही पुलिस के प्रति नाराजगी है।यहाँ के लोग आशंकित है कि अब पुलिस अज्ञात के नाम पर किस निर्दोष को आरोपी बना देगी।ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष विवेचना कराए जाने और निर्दोषों का नाम मुकदमे से निकालने की मांग की है।

रिपोर्ट : हिन्दमोर्चा टीम अम्बेडकरनगर

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