पूर्वांचल के गोरखपुर, देवरिया, पडरौना, महाराजगंज के सैकड़ों कामगार ओमान में बनाए गए बंधक, वेतन मांगने पर पिटाई भी हुई

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Lucknow (HM News)l अधिक पैसा कमाने के लिए ओमान गए कई युवा वहां फंस गए हैं। पूरे वेतन की मांग कर रहे यूपी के गोरखपुर, देवरिया, पडरौना, महाराजगंज के सैकड़ों युवाओं को बंधक बना लिया गया है। खाने में दाल-चावल दिया जा रहा है, वह भी आधा। पीने के लिए नहाने वाले पानी से काम चलाना पड़ रहा है।
ओमान की अलतुर्की कंपनी के कामगारों ने भारत सरकार से वापसी की गुहार करते हुए वीडियो बनाकर स्वजनों को भेजा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। देवरिया के नौ परिवारों ने भी जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। कई परिवारों ने एजेंटों से संपर्क किया है।

कामगारों की पिटाई भी हुई

गोरखनाथ निवासी नूर मोहम्मद, भटहट के रामजीत, देवरिया के पथरदेवा के ग्राम कंठीपट्टी निवासी हरेंद्र यादव, रमाशंकर हों या राजेश, गोरखपुर और आसपास के जिलों से इन जैसे पांच हजार से अधिक कामगार ओमान में काम कर रहे हैं। अलतुर्की कंपनी में काम करने वाले कामगारों के स्वजनों का कहना है कि पांच दिन पहले फोन आया था। बताया कि छह जुलाई को रुपये को लेकर यूपी के एक कामगार का कम्बोश (कैंप का मालिक) से विवाद हो गया।
युवक की पिटाई हुई तो भारतीय कामगारों ने आंदोलन कर दिया। इसपर कंपनी के लोगों ने उन्हें पीटकर बंधक बना लिया। कंपनी पहले रोटी, दाल-चावल, सब्जी व पानी देती रही लेकिन अब केवल दाल-चावल, वह भी आधा ही मिल रहा है। नहाने के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। पांच दिन पहले स्वजनों को भेजे वीडियो में कामगारों ने भारत बुलाने की गुहार लगाई है। देवरिया के जिलाधिकारी अमित किशोर ने इस संबंध में जानकारी होने से मना करते हुए परिवारों से संपर्क करने की बात कही है।

16 कामगार चार दिन से गायब

देवरिया के हरेंद्र यादव का कहना है कि कंपनी के अधिकारी चार दिन पहले 16 कामगारों को भारत भेजने की कहकर ले गए। ये सभी लापता हैं। वीडियो में पूरे देश के छह हजार लोगों के फंसे होने की बात कही गई है। इसमें देवरिया के दो सौ, गोरखपुर के सौ, पडरौना व महाराजगंज के 50-50 से अधिक कामगार बताए जा रहे हैं।

आबूधाबी में फंसे होने का वीडियो वायरल

नौतनवा थानाक्षेत्र के सिसवा तौफिर गांव निवासी नागेंद्र पटेल, रामकुमार, धर्मेंद्र गुप्ता ने दुबई के आबूधाबी के मुसाबा सेक्टर 33 से एक वीडियो जारी कर बंधक बनाकर काम कराए जाने का आरोप लगाया है। कहा है, वे सभी पांच महीने से विदेश में फंसे हैं। कंपनी के लोगों ने पासपोर्ट जब्त कर लिया है।
कुछ लोगों के ओमान में फंसे होने की जानकारी मिली है। शासन के जरिए ओमान के दूतावास से बात कर वहां फंसे लोगों की वापसी कराई जाएगी। – जयंत नार्लिकर, मंडलायुक्त, गोरखपुर

भारतीय दूतावास संपर्क में

कामगारों की आपूर्ति करने वाली फर्म के संचालक सिराजुल हक ने बताया कि ओमान में लाखों भारतीय काम करते हैं। हर कंपनी में इस तरह की दिक्कत नहीं है। अलतुर्की कंपनी के कर्मचारी अब्दुल्लाह से बात हुई है। उसने बताया कि कोरोना के कारण काम बंद है। कंपनी आधी सैलरी दे रही है। इसे लेकर विवाद था, जिसे सुलझा लिया गया है। भारतीयों की वापसी के लिए भारतीय दूतावास संपर्क में है।

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