Sultanpur: अपने ही जवानों की बलि देना चाहते हैं जिले के आला अधिकारी

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  • अपने ही जवानों की बलि देना चाहते हैं जिले के आला अधिकारी

  • 2012 में यहां हो चुकी है बहुत बड़ी घटना जिसमें दो की हुई थी मौत , फिर भी बिभाग नहीं दे रहा है ध्यान

दोस्तपुर सुल्तानपुर l सुल्तानपुर जिले में एक जगह ऐसा भी है जहां पर लगभग 42 जवान दिन रात मौत के सारे में जीने को मजबूर हैं वहीं कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए कस्बे में कमरा लेकर रह रहे हैं कहने को तो सभी के अधिकारी अपने स्टाप का ज्यादा ख्याल रखते हैं मगर ख्याल तब रखेंगे जब जिन्दा रहेंगे कप्तान साहब अगर कोई हादशा हुआ तो आप भी अपने आप को क्षमा नहीं कर पाओगेl
जी हां वह जगह है सुल्तानपुर जिले का दोस्तपुर थाना जहां पर इस समय लगभग 42 पुलिस जवानों का स्टाप है ये जवान पुलिस कप्तान के एक आदेश पाते दौड़ पड़ते हैं और आदेश का पालन करने के बाद जब अपनी थकान दूर करने को पुलिस बैरंग वा अपने कमरे में पहुंचते हैं तो वहां जैसे ही निगाह ऊपर करते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है क्यो कि मौत का साया दिखाई देने लगता है।
थाना दोस्तपुर का पुलिस जवानों के कमरे के छत की फोटो
वैसे भी वर्ष 2012 में पुलिस कार्यालय का छत ढह जाने से थाने पर बैठाये गये दो लोगों की मलबे में दब कर मौत हो गयी थी वहीं थाने में रह से जवानों को इस समय छत देख कर याद आती है वैसे भी अगर इस मामले पर अधिकारी से पूछा जाय कि इतने जर्जर मकान में हमारे पुलिस के जवान रहने को मजबूर हैं तो उनका जवाब यह होता है कि ये मकान काफी दिनों पहले ही निस्प्रोज कर दिया गया है।
हम यह नहीं समझ पाते अगर इसे काफी दिनों पहले निस्प्रोज कर दिया गया है तो इसे ढहा क्यो नही दिया गया फिर हाल जो नया भवन थाने का बना हुआ है उसमें भी झोल है वह भी चूने लगा है और कहीं कहीं दरक गया है।
पुलिस कप्तान सुल्तानपुर से निवेदन है कि यहां पर रहने वाले हमारे पुलिस जवानों के भी परिवार है इस लिए यहां बैरंग वा कमरे को देख कर इस बरसात में निर्णय ले जिससे हमारे जवानों का मूल्यवान ज़िन्दगी बचाई जा सकेl

Report: Neeraj Mishra Dostpur Sultanpur

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