भारत ने LAC पर तैनात कीं मिसाइलें, चीन को सबक सिखाने के लिए सेना की तीन और डिवीजन भेजीं गई

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नई दिल्ली (Agency)। एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर चीनी लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत ने पूर्वी लद्दाख में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात कर दी है। इस प्रणाली में आकाश मिसाइल शामिल है जो किसी भी गुस्ताखी पर चीनी विमानों को पलक झपकते ध्वस्त करने में सक्षम है। इसके साथ ही सीमा पर बड़े पैमाने पर सैनिक साजोसामान पहुंचाया जा रहा है। सेना की तीन डिवीजन वहां और बढ़ा दी गई हैं। यह सारी तैयारी टकराव की नौबत आने पर चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए की जा रही है।
एक सरकारी सूत्र ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए पूर्वी लद्दाख में सेना और वायुसेना दोनों के एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में चीन ने सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हासिल किए हैं। इन्हें और दूसरे बमवर्षक विमानों को चीन ने फिलहाल सीमा से कहीं पीछे तैनात कर रखा है लेकिन अक्सर ये एलएसी पर मंडराते देखे गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि एलएसी के सभी टकराव वाले बिंदुओं पर चीन के हेलीकॉप्टर मंडराते रहते हैं। दौलत बेग ओल्डी, गलवन घाटी का पैट्रोलिंग प्वाइंट 14, पैट्रोलिंग प्वाइंट 15, पैट्रोलिंग प्वाइंट 17 और पैट्रोलिंग प्वाइंट 17 ए के ऊपर चीनी एयरक्राफ्ट लगातार नजर बनाए रखते हैं। इनकी काट के तौर पर भारत की ओर से तैनात किए गए एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल आकाश मिसाइल कुछ ही सेकेंड में विमान, हेलीकॉप्टर या ड्रोन को तबाह कर सकता है। ऊंचाई वाले स्थान पर तैनाती के लिए इस सिस्टम में कई बदलाव भी किए गए हैं।
भारतीय मोर्चे को मजबूती देने के लिए एस-30 एमकेआइ लड़ाकू विमान आस-पास के एयर बेस से पूरी तरह लैस होकर कुछ ही मिनटों में यहां पहुंच सकते हैं। दुश्मन की निगरानी के लिए भी भारत ने अपनी जबर्दस्त तैयारी कर ली है। अब चीन का कोई भी विमान पकड़ में आए बगैर इधर से नहीं गुजर सकता।

क्या है एयर डिफेंस सिस्टम

– भारत के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में उच्च दक्षता के एक चरण वाली सालिड रॉकेट प्रोपेल्ड आकाश मिसाइल शामिल है।
– सतह से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल दुश्मन की किसी भी मिसाइल को 30 किमी की ऊंचाई पर भी इंटरसेप्ट कर सकती है।
– यह मिसाइल आंतरिक नैवीगेशन सिस्टम, आधुनिक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो मैकेनिकल एक्टीवेटर से लैस होती है।
– इस मिसाइल को मुख्य रूप से ऐसी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए विकसित किया गया है जो सुपरसोनिक गति से लक्ष्य भेदने आ रही हों।
– भारत के पास आकाश के अलावा अन्य मिसाइलों वाले एयर डिफेंस सिस्टम भी उपलब्ध हैं।

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