क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन पर अस्पतालों के संचालन में अब उजागर होने लगा राज

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⏺ अपर सीएमओ के संरक्षण को लेकर आमजन में चर्चा का बाजार गर्म  ⏺ निजी पैथोलाजी में मरीजों की जांच, बताया जा रहा है अहम कारण
⏺ अकबरपुर के दोस्तपुर रोेड स्थित एसीएमओ सेे संबधित है पैथोलाजी

अंबेडकरनगर। जिले में क्लीनिक के रजिस्टेªशन पर अस्पताल व नर्सिंग होमों का संचालन किसके संरक्षण में हो रहा है, अब धीरे-धीरे इसका राज उजागर होने लगा है जिसमें विभाग के एक अपर सीएमओ की भूमिका अहम बतायी जा रही है।

ज्ञात हो कि हिन्दमोर्चा पत्रिका के साथ बेवपोर्टल पर पिछले दिनों उक्त मामले को लेकर अनवरत खबरे प्रकाशित की गयी थी जिसमें सीएमओ द्वारा यहां तक बयान दिये गये हैं कि चुनाव बाद एक सिरे से जांच करायी जायेगी और नियम विरूद्ध पाये जाने पर अस्पताल व नर्सिंग होमों के खिलाफ कार्यवाही भी तय होगी.

लेकिन इस बीच अब आमजन में भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गयी है कि क्लीनिक के रजिस्टेªशन पर अस्पताल व नर्सिंग होम जो भी चल रहे हंै, उसमंे विभाग के अपर सीएमओ की ही भूमिका है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 132 क्लीनिक व पैथोलाजी सेंटर के रजिस्टेªशन हंै जब कि इससे इतर सैकड़ों बिना रजिस्टेेªशन व झोलाछाप चिकित्सक प्रेक्टिस कर रहे हैं। इनमें अधिकांश संचालकांे द्वारा अस्पताल चलाये जा रहे है।

ऐसे अस्पतालों के रजिस्टेªशन को देखा जाय तो गाइड लाइन के अनुसार चिकित्सकांे व अन्य स्टाप की तैनाती नहीं है औैर जिनके नाम बोर्ड पर अंकित किये गये हैं, सम्बंधित चिकित्सक व स्टाप दिखाई नहीं पड़ते है, बगैर डिग्री धारक चिकित्सकों द्वारा मरीजों के उपचार किये जा रहे है।

इन अस्पतालों के साल भर के रिकार्ड उठाकर देखा जाय तो आधा दर्जन से अधिक मरीजों के उपचार में लापरवाही के चलते मौत भी हो चुकी है जिसमें इनके तीमारदारों द्वारा शिकायतें भी की गयी हैं किन्तु जांच उक्त अपर सीएमओ को दिये जाने से किसी के खिलाफ अभी तक ठोस कार्यवाही नहीं हो पायी है, सभी के रफा-दफा हो गये है।

इसके पीछे बताया जाता है कि उक्त अपर सीएमओ का अकबरपुर नगर के दोस्तपुर रोड पर पैथोलाजी सेेंटर है जिसका रजिस्टेªशन किसी अन्य के नाम है किन्तु ड्यूटी से गायब होकर किसी सेंटर पर समय दिया जाना आमबात है।

लोगों का कहना है कि इस अपर सीएमओ द्वारा निष्पक्ष जांच न करने के पीछे अस्पताल व नर्सिंग होमों में भर्ती मरीजों की जरूरत पड़ने पर जांच उन्ही के पैथोलाजी से कराया जाना अहम कारण है जिसके चलते उनके द्वारा दायित्व निर्वहन न कर बचाव किये जाते रहते है।

रिपोर्ट : हिन्दमोर्चा टीम अम्बेडकरनगर

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